देहली में राधा कृष्ण मन्दिर से अष्टधातु की मूर्तियां चोरी

अंगद राही : 9451250668
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रायबरेली। बीती शुक्रवार की रात शिवगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत देहली में राधा कृष्ण मन्दिर से राधा कृष्ण की बेशकीमती अष्टधातु की मूर्तियां बेखौफ चोरों ने पार कर दी, सुबह जिसकी जानकारी होते ही क्षेत्र में हड़कम्प मच गया। पुलिस ने मामले की गहनता से जांच पड़ताल शुरु कर दी है। शनिवार की सुबह जब मन्दिर के पुजारी गंगा प्रसाद पाण्डेय मन्दिर की लाईट बुझाने के लिए मन्दिर पहुंचे तो देखा कि बगल में मन्दिर के चैनर का ताला टूटा पड़ा था और मन्दिर के अन्दर रखी बेस कीमती राधा-कृष्ण की अष्टधातु की मूर्तियां गायब थी‌। जिसकी खबर से गांव में हड़कम्प मच गया, भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। मन्दिर के पुजारी एवं ग्रामीणों ने इसकी सूचना पहले डायल 112 नम्बर पर फिर शिवगढ़ पुलिस को दी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची डायल 112 पीआरवी पुलिस व शिवगढ़ थाना प्रभारी राजीव सिंह ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर मामले की गहनता से जांच पड़ताल शुरू कर दी है। 

मन्दिर की पुजारी गंगा प्रसाद पाण्डेय, दीपक दीक्षित, महेंद्र दीक्षित आदि ग्रामीणों ने बताया कि ये मूर्तियां सैकड़ो वर्ष पुरानी थी मूर्तियां अष्टधातु की थी। थाना प्रभारी राजीव सिंह ने बताया कि मौके पर पहुंचे थे अभी तक तहरीर नहीं मिली है तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्जकर जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।


13 वर्ष पहले भी चोरी हुई थी मूर्तियां 

 13 साल पहले वर्ष 2013 में इसी मन्दिर से राधा कृष्ण की ये मूर्तियां चोरी हुई थी पुलिस ने चोरी का मुकदमा भी दर्ज किया था 14 महीने बाद गांव के बाहर एक पीपल के पेड़ के नीचे दोनों मूर्तियां बोरी में बंधी मिली थी। मूर्तियों को जब बोरी से बाहर निकाला गया था तो मूर्तियों के कान कटे और पैरों के पास कटे के निशान थे।


गांव में चर्चा करोड़ों रुपए होगी मूर्तियों की कीमत 


राधा कृष्ण की मूर्तियां चोरी होने पर गांव में चर्चाओं का बाजार गर्म है गांव के लोगों का कहना है कि मूर्तियों की कीमत करोड़ों में होगी ग्रामीणों ने बताया कि सैकड़ो वर्ष पुरानी ये मूर्तियां अष्टधातु की थी।


होली की तीसरे दिन पालकी पर घुमाई जाती थी मूर्तियां


होली के तीसरे दिन राधा कृष्ण की मूर्तियों को पालकी में बैठाकर गांव में घूमाए जाने की सैकड़ों वर्ष पुरानी परम्परा है। होली के तीसरे दिन गांव में बड़े ही हर्षोल्लास पूर्वक होलीकोत्सव मनाया जाता है जो मूर्तियां चोरी हुई हैं इन्हीं मूर्तियों को पालकी में रखकर गांव में घर-घर घुमाया जाता था। यही कारण है कि राधा कृष्ण की इन मूर्तियों के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था है। गांव के लोग बड़ी श्रद्धा भक्ति से मूर्तियों की पूजा करते थे लेकिन जैसे ही गांव के लोगों को पता चला एक बार फिर मूर्तियां चोरी हो गई वैसे ही गांव में सन्नाटा सा पसर गया।

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