शिवगढ़,रायबरेली। शिवगढ़ नगर पंचायत के सरांय छात्रधारी में चल रही सात दिवसीय श्रीभागवत महापुराण कथा के पांचवें दिन कथा पण्डाल भक्ति रस में डूबा नजर आया। सुप्रसिद्ध कथा व्यास पं. देवेन्द्र अवस्थी जी महाराज ने अपने ओजस्वी प्रवचन में गोवर्धन प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को महत्वपूर्ण संदेश दिया।
कथा वाचक ने कहा कि “भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के अहंकार को समाप्त कर यह संदेश दिया कि प्रकृति ही हमारी सच्ची पालनहार है, इसलिए हमें अहंकार त्याग कर विनम्रता और प्रकृति पूजन की भावना अपनानी चाहिए।” उन्होंने बताया कि गोवर्धन पूजा केवल एक परम्परा नहीं, बल्कि मनुष्य को प्रकृति के प्रति कृतज्ञ रहने और आडम्बर से दूर रहने की प्रेरणा देती है।
महाराज के श्रीमुख से निकले इन विचारों को सुन श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो उठे और पूरा पंडाल “गोवर्धनधारी लाल की जय” के जयघोष से गूंज उठा। बीच-बीच में तालियों की गड़गड़ाहट से माहौल भक्तिमय बना रहा।
इस मौके आयोजक सदाशिव कश्यप, शिव भोला कश्यप, यजमान राम नारायण कश्यप, ईश्वरदीन कश्यप, राधेश्याम कश्यप, रमेश कश्यप, दुलारे कश्यप, बृजेश कश्यप,बंटी कश्यप, दुर्गेश कश्यप, हरिनरारान कश्यप, शिवनारायन कश्यप,अखिलेश मिश्रा, महन्त गुरु प्रसाद नग्गू सैनी, कलावती मिश्रा,शिव देवी शर्मा, राहुल शर्मा, तुषार उर्फ कल्लू कश्यप सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।