रायबरेली। महराजगंज तहसील में बुधवार को बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्षों के नेतृत्व में दो दर्जन से अधिक अधिवक्ताओं ने यूजीसी अधिनियम 2026 के समर्थन में राष्ट्रपति एवं भारत सरकार के नाम एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी महराजगंज को सौंपा। अधिवक्ताओं ने मांग की कि यूजीसी अधिनियम 2026 को यथास्थिति बनाए रखते हुए देशभर में पूरी तरह लागू किया जाए।
ज्ञापन सौंपने का नेतृत्व बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष छोटे लाल एडवोकेट एवं देवी प्रसाद एडवोकेट ने किया। अधिवक्ताओं ने कहा कि भारत सरकार द्वारा जनवरी 2026 में पारित यूजीसी अधिनियम का उद्देश्य अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं निर्बल सामान्य वर्ग के छात्र-छात्राओं को शिक्षा के क्षेत्र में सुरक्षा और समान अवसर उपलब्ध कराना है। इसके बावजूद रायबरेली जनपद में कुछ वर्गों द्वारा इस अधिनियम का विरोध किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि यूजीसी अधिनियम 2026 समाज के वंचित एवं पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अधिवक्ताओं ने इसे सामाजिक न्याय की दिशा में एक प्रभावी कदम बताते हुए पूर्ण समर्थन जताया।
इस अवसर पर अधिवक्ता प्रेमचंद्र नाग, राधे लाल, अर्जुन पासी, सर्वेश गौतम, बिंधेश कुमार गौतम, विजय कनौजिया, शैलेंद्र पाल, पवन पाल, पवन रावत, राजेंद्र मौर्य, धर्मेश कुमार, रमेश राजवंशी, प्रदीप मौर्य, विनीता लोधी, सूरज यादव, जितेंद्र गौतम सहित अनेक अधिवक्ता मौजूद रहे।
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