रायबरेली। नगर पंचायत के शिवगढ़ कस्बे में निर्माणाधीन शहद उत्कृष्टता केंद्र 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' का गुरुवार को न्यूजीलैंड और एपीडा के प्रतिनिधि मण्डल ने बारीकी से निरीक्षण किया एवं निर्माण का जायजा लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। गौरतलब हो कि उद्यान विभाग द्वारा हाईटेक वेजिटेबल सीडलिंग प्रोडक्शन इकाई के बगल में निर्मणाधीन शहद उत्कृष्टता केंद्र का निर्माण अंतिम चरण में है। केंद्र के शुरू होने के बाद शिवगढ़ का शहद देश-विदेश के बाजारों में पहुंच कर लोगों की जुबां पर शहद की मिठास घोलेगा, जिससे क्षेत्र के मधुमक्खी पालकों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही शहद के विपणन की समस्या भी दूर हो जाएगी।
निरीक्षण के दौरान प्रतिनिधि मण्डल ने बताया कि भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए एपीडा, न्यूजीलैंड के साथ मिलकर "हनी एक्शन प्लान" पर काम कर रहा हैं। जिसके तहत दोनों देशों की सरकारी मिलकर इस दिशा में काम कर रही हैं। इसका उद्देश्य आधुनिक तकनीक और बेहतर बाजार व्यवस्था के माध्यम से मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देना है। प्रतिनिधिमण्डल में शामिल व्यापार योजना कार्यान्वयन एमपीआई टीम प्रमुख प्रमुख सलाहकार ईशान जयवर्धन, मधुमक्खी पालन तकनीकी प्रबन्धक बायरन पीटर टेलर, कृषि सलाहकार एन.जेड.एच.सी. मेलानी फिलिप्स, कृषि साझेदारी प्रबन्ध, एन.जेड.एच.सी प्रियम अरोरा, कृषि साझेदारी प्रबन्ध, एन.जेड.एच.सी.सुदेशना रे सहित 5 सदस्यीय टीम द्वारा सेन्टर आफ एक्सीलेंस का निरीक्षण किया गया। इस मौके पर मधुमक्खी पालक मायाराम, हरिनाम सिंह, हरिगोविंद मौर्य, रामहर्ष, प्रगतिशील कृषक नन्दकिशोर तिवारी, निमित्त सिंह, उद्यान निरीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह आदि लोग उपस्थित रहे।
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