बे मौसम बारिश और आंधी ने तोड़ी किसानों की कमर, उम्मीदों पर फिरा पानी

रायबरेली। बे मौसम बारिश, आंधी और ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़कर रख दी है। गौरतलब हो कि मंगलवार की शाम करीब सात बजे आई तेज आंधी के साथ शुरु हुई बेमौसम बारिश लगातार 12 घण्टे हुई। बुधवार की सुबह 8 बजे बारिश थमी तो किसानों ने थोडा राहत की सांस ली। मौसम साफ होने और गेहूं, सरसों की मड़ाई का इंतजार कर रहे करीब  95 प्रतिशत किसानों की उम्मीदें टूट चुकी है। कृषक नन्दकिशोर तिवारी, रामकिशोर मौर्य, बब्लू वर्मा, सपा नेता श्रवण कुमार, ओम प्रकाश, सोनू हाण्डा, जिला पंचायत सदस्य अंजली पासी, केतार पासी, संगीत मिश्रा आदि किसानों का कहना है कि पिछले 20 दिनों से लगातार मौसम खराब है, 15 दिनों के अन्दर 3 बार बारिश के साथ आई तेज आंधी तथा पिछले दिनों हुई ओलावृष्टि से पहले ही खेत में हजारों हेक्टेयर गेहूं सरसों की फसल गिरकर बर्बाद हो चुकी है जो कुछ कसर बची थी वह मंगलवार की शाम से बुधवार की सुबह तक हुई बारिश ने पूरी कर दी। किसानों का कहना है कि खून पसीना बहाकर तैयार की गई फसल खेतों में पककर तैयार है, किन्तु मौसम के बिगड़े मिजाज के चलते किसान फसल अपने घर लाने में असमर्थ हैं। देश के अन्नदाता कहे जाने वाले किसान अपनी आंखों में आंसू लिए बेबस होकर अपनी बर्बादी का मंजर देख रहे हैं। आलम यह है कि लगातार हो रही बारिश से बालियों और छीमियों में गेहूं,सरसो की फसल अंकुरित होने लगी है, किसानों ने सरकार से आपदा राहत के तहत मुआवजे की मांग की है। इस सम्बन्ध में एडीओ एग्रीकल्चर दिलीप सोनी का कहना है कि जिन किसान भाईयों की फसल को नुकसान हुआ है, वे फसल बीमा कम्पनी के टोल फ्री नम्बर 14447 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं, ताकि हुए नुकसान का आकलन कर उन्हें सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

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