रायबरेली। बछरावां थाना क्षेत्र के कसरावां गांव में गुरुवार की दोपहर ऐसा मंजर सामने आया, जिसे देखकर हर आंख नम हो गई। महज 11 वर्ष की उम्र में मासूम मयंक ने जिंदगी से हार मान ली। खिलौने को लेकर बहन से हुई मामूली तकरार ने एक हंसते-खेलते घर की खुशियां छीन लीं।
गांव निवासी संतोष कुमार का बेटा मयंक अपनी बड़ी बहन मुस्कान (14) के साथ घर में खेल रहा था। दोनों के बीच खिलौने को लेकर हल्की नोकझोंक हुई। किसी ने सोचा भी नहीं था कि यह छोटी सी बात इतनी बड़ी त्रासदी में बदल जाएगी। परिजनों के अनुसार डांट या नाराजगी के डर से आहत मयंक चुपचाप कमरे में चला गया। उस समय घर में बड़े सदस्य मौजूद नहीं थे।
कुछ देर बाद जब मयंक नजर नहीं आया तो परिजन उसे ढूंढते हुए कमरे तक पहुंचे। अंदर का दृश्य देख परिवार की चीख निकल गई—मासूम धान के बोरों के सहारे बांस से बंधे फंदे पर झूल रहा था। मां-बाप की दुनिया उसी पल उजड़ गई। मां बेटे को सीने से लगाकर बिलखती रही, तो पिता बेसुध होकर जमीन पर बैठ गए। शोर सुनकर ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी।
आनन-फानन में उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बछरावां ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और जांच की बात कही है।
मयंक की मासूम मुस्कान अब हमेशा के लिए खामोश हो गई। गांव की गलियों में खेलता वह चंचल बालक अब यादों में सिमट गया है। कसरावां में हर दरवाजे पर सन्नाटा है और हर आंख में सिर्फ एक सवाल—क्या एक खिलौना इतनी बड़ी कीमत मांग सकता है?
थाना प्रभारी श्याम कुमार पाल ने बताया कि मृतक किशोर के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, आगे की विधि कार्यवाही की जा रही है, फिलहाल इस घटना के पश्चात परिवारीजनों में कोहराम मचा हुआ है।
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