रायबरेली। शिवगढ़ नगर पंचायत स्थित श्री बरखण्डीनाथ महादेव मन्दिर प्रांगण में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन कथा व्यास पण्डित गोविंद शास्त्री जी महाराज ने अपनी अमृतमयी वाणी से सुदामा चरित्र और परीक्षित मोक्ष प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। श्री शास्त्री जी महराज ने भगवान कृष्ण और सुदामा की निस्वार्थ मित्रता की कथा और परीक्षित को तक्षक द्वारा डसने और अंत में मोक्ष मिलने के प्रसंग का बड़ा ही सुंदर वर्णन करते हुए भक्ति, मित्रता, समर्पण और अंतिम सत्य के प्रति जागरूकता जागरूक किया। कथा सुन श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो गए।
कथाव्यास ने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की निष्कपट मित्रता का वर्णन करते हुए बताया कि सच्ची मित्रता में स्वार्थ का कोई स्थान नहीं होता। उन्होंने कहा कि भगवान अपने भक्त की सच्ची भावना को पहचानते हैं और समय आने पर उसकी हर मनोकामना पूर्ण करते हैं। वहीं परीक्षित मोक्ष प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया कि राजा परीक्षित को तक्षक नाग द्वारा डसने के बाद भी उन्होंने भगवान का स्मरण करते हुए मोक्ष प्राप्त किया। इस प्रसंग के माध्यम से उन्होंने जीवन के अंतिम सत्य, भक्ति, समर्पण और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
कथा आयोजन में समाजसेवी राज भैया उर्फ राज दीक्षित हरियाणा वाले ने विशेष सहयोग प्रदान किया, जिनकी लोगों ने जमकर सराहना की। वहीं पूर्व कुम्हरावां प्रधान रमेश कुमार मिश्रा उर्फ पुतन्नी महाराज ने कथाव्यास को अंगवस्त्र एवं राम दरबार की प्रतिमा भेंटकर सम्मानित किया। इस अवसर पर शिवगढ़ सीएचसी अधीक्षक डॉ.प्रेमशरन, रश्मि रावत, स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी जयराम यादव, रामकिशोर मौर्य, अमित मिश्रा सहित अन्य गणमान्यों को भी कथाव्यास ने सम्मानित कर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम का आयोजन बाबा श्री बरखण्डीनाथ सेवा समिति द्वारा किया गया। इस मौके पर कथा के मुख्य अजमान देवी प्रसाद मिश्रा, अनूप मिश्रा, कन्हैया मिश्रा, अनिल शुक्ला, सुशील गिरि, अमित मिश्रा, राजकिशोर शुक्ला, दिनेश गिरि, रिंकू जायसवाल, लवकुश मिश्रा, राजेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव, राजू द्विवेदी,मोनू पाण्डेय आदि लोग उपस्थित रहे।
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