बिगड़ा मौसम का मिजाज, चिंता में डूबे किसान

रायबरेली। शुक्रवार को अचानक मौसम का मिजाज बिगड़ने से क्षेत्र के किसान गहरी चिंता में डूब गए हैं। सुबह से ही आस-मान में बादलों का डेरा रहा और रुक-रुक कर बूंदा-बांदी होती रही। दिनभर धूप न निकलने से तापमान में गिरावट आई, जिससे जहां आमजन को हल्की ठंडक महसूस हुई, वहीं किसानों के चेहरों पर चिंता साफ झलकने लगी। किसानों का कहना है कि इस समय गेहूं, सरसों,चना और मटर की फसल पककर तैयार खड़ी है।


 ऐसे में यदि बारिश तेज हो जाती है या हवाएं चलती हैं, तो फसलों को भारी नुकसान हो जाएगा। किसानों को सबसे ज्यादा डर सरसों के झड़ने और गेहूं के गिरने का सता रहा है। एडीओ एजी दिलीप सोनी क्या कहना है कि तेज बारिश हुई तो गेहूं, सरसों, मटर, चना आदि फसलों को भारी नुकसान होगा।


क्या कहते हैं किसान


प्रगतिशील कृषक कृषक नन्दकिशोर तिवारी का कहना है कि “अगर बारिश हुई तो किसानों की जीविका एवं महीनों की मेहनत 
 पर पानी फिर जाएगा।”


रामकिशोर मौर्य का कहना है कि , “सरसों पूरी तरह पक चुकी है, बारिश होते ही दाने झड़ जाएंगे और गेहूं की फसल भी बर्बाद हो सकती है।”



चुन्नीलाल खेड़ा मजरे गूढ़ा निवासी मनोज कुमार रावत का‌ कहना कि अचानक मौसम में हुए बदलाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।


संगीत मिश्रा का कहना है कि हो रही “बूंदा-बांदी ने ही किसानों की जान हलक में ला दी है, सभी किसान फसल को लेकर चिंतित हैं।”
मौसम के बदले तेवर से किसान बेचैन हैं और अब सभी की नजरें आसमान पर टिकी हुई हैं।

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