खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हुआ परिवार
अंगद राही
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शिवगढ़,रायबरेली। बेरहम बारिश गरीबों के आशियानों पर कहर बनकर बरश रही। बारिश के कहर से शिवगढ़ क्षेत्र में कई परिवार बेघर हो गए। ताजा मामला शिवगढ़ क्षेत्र के गढ़ी मजरे देहली का हैं जहां एक गरीब का आशियाना भरभरा कर मलबे में तब्दील हो गया। गनीमत रही कि जिस समय आशियाना गिरा घर के अन्दर कोई नहीं था वरना बड़ा हादसा हो जाता। गढ़ी गांव के रहने वाले पीड़ित धर्मेंद्र कुमार पुत्र जगजीवन प्रसाद ने बताया कि वह पिछले कई सालों से क्षतिग्रस्त जर्जर मकान में पत्नी बबली, बेटे आदित्य (12) वर्ष, बेटी अंजली 10 वर्ष,आरवी 2 वर्ष तथा बेसहारा श्रवण कुमार सहित 6 लोगों के साथ एक जर्जर कोठरी में रहकर किसी तरह जीवन यापन कर रहे थे।
लगातार हो रही बारिश से छत टपकने और आशियान जर्जर होने के चलते वे बीते एक 15 दिनों से अपने भाई के यहां छप्पर के नीचे परिवार के साथ रह हैं। बारिश के चलते पलक झपकते ही छत और दीवारें भर भराकर मलवे में तब्दील हो गई। तेज आवाज के साथ छत गिरने से गांव में अफरा-तफरी मच गई। आवाज सुनकर दौड़े लोगों ने जब मौके पर पहुंचकर देखा कि किसी प्रकार की जनहानि नही तो लोगों ने राहत की सांस ली। मौके पर इकट्ठा ग्रामीणों का यही कहना था कि यदि परिवार कोठरी के अन्दर रह रहा होता तो बड़ा हादसा हो जाता, गनीमत रही कि एक पखवाड़ा से धर्मेंद्र कुमार अपने परिवार के साथ भाई के यहां छप्पर के नीचे रह रहे थे। आशियाने के गिरने से धर्मेंद्र का परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गया है, ग्रामीणों ने शासन से पीड़ित परिवार के लिए आवास मुहैया कराने की मांग की है। हल्का लेखपाल कमलेश कुमार मौर्य का कहना है कि तहसील प्रशासन को सूचना दे दी गई है, जांच के उपरान्त हुए नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट तहसील प्रशासन को भेजी जाएगी।
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